आज का पत्रिका समाचार पत्र देखा तो उसके साथ आया रविवारीय हम लोग भी देखा । उसमें श्री अजय सेतिया जी का लेख सुद्री सीमा कितनी सुरक्षित प्रकाशित हुआ है । लेख सामयिक है और तथ्यों के आधार पर काफी अच्छी जानकारी देने का प्रयास किया है । किन्तु ऐसा लगता है कि पत्रिका के संपादकीय में ऐसे लोग हैं जो भारत के नक्शे के बारे में या तो जानते ही नहीं हैं या फिर वे अपने ही समाचार पत्र में प्रकाशित होने वाले चित्रों को देखने का प्रयास ही नहीं करते । यहां पर भारत का जो नक्शा छापा गया है वो वहीं नक्शा है जो कि पाकिस्तान द्वारा बताया जाता है और जिसमें कि काश्मीर को भारत का अंग नहीं बताया जाता है । इस नक्शे में भारत का ऊपरी हिस्सा कटा हुआ दिखाया जाता है । दरअस्ल में पाक अधिकृत काश्मीर को भारत अपने नक्शे में दिखाता है जबकि पाक उसको नहीं दिखाता है । आज के पत्रिका समाचार पत्र में जो भारत का नक्शा प्रकाशित किया गया है । उसमें भी पाक अधिकृत काश्मीर को नहीं दिखाया गया है । इसके क्या मायने निकाले जायें, क्या पत्रिका समाचार पत्र भी ये मानता है कि पाक अधिकृत काश्मीर भारत का हिस्सा नहीं है । क्या पत्रिका समाचार पत्र से इस मामले में जवाब तलब नहीं होना चाहिये । क्या ऐसे समाचार पत्रों पर आपराधिक या देशद्रोह का मुकदमा नहीं चलाया जाना चाहिये । किन्तु बात वही है कि हमारे देश में समाचार से जुड़े लोगों के अपराध माफ होते हैं । जैसे अभी मुबई में हुई घटनाओं में समाचार चैनल भी बराबर के दोषी हैं, क्या उन पर भी आतंकी लोगों की मदद करने का मामला नहीं दर्ज होना चाहिये । क्योंकि उन्होंने भी लाइव दिखा दिखा कर आतंकियों और उनके आकाओं की मदद की थी ।
पत्रिका द्वारा प्रकाशित भारत का नक्शा जिसमें पाक अधिकृत काश्मीर नहीं है ।
भारत का वो नक्शा जिसमें पाक अधिकृत काश्मीर भी शामिल है ।
पास से देखें दोनों को