वैसे तो हमारा भारत अफवाहों को और अंधविश्वासों को ही देश है यहां पर कब कौन सी अफवाह फैल जाए कोई कुछ नहीं कह सकता । और अफवाहें भी ऐसी वैसी नही कभी मूर्तियां दूध पीने लगती हैं तो कभी दीवार में सांई बाबा बन जाते हैं । अब एक ऐसी ही अफवाह मध्य प्रदेश के कस्बों में फैली हुई है जिसके चलते अच्छे अच्छे परिवारों की महिलाएं भी भिखारिनों की तरह से घर घर जाकर भीख मांग रहीं हैं और भीख्ा भी केवल इतनी कि सात रुपये हो जाएं ताकि वे उन सात रुपयों की चूडि़यां पहन सकें । ये जि म्मा वैसे भी हमेशा से महिलाओं का ही होता है कि वे घर और परिवार की खुशहाली के लिये व्रत, तीज, त्योहार और समय समय पर फैलने वाले अंधविश्वासों के अनुसार काम करें । और उनको शायद इसको करने में प्रसन्नता भी होती है । ऐसी ही एक अफवाह के कारण संपनन परिवारों की महिलाएं भी इन दिनों भीख मांग रहीं हैं फ जानकारी के अनुसार हरितालिका तीज केदिन ये प्रदेश के सीहोर जिले में ये अफवाह फैली है कि महिलाओं को अपने सुहाग की रक्षा के लिये भीख मांग कर चुडि़यां पहननीं हैं और ये भीख भी सात रुपये की मांगनी है सात घरों से । महिलाओं को एक एक करके सात घरों में जाना है और बाकायदा एक रुपये की भीख मांगनी है और जब सात रुपये हो जाएं तो उन रुपयों की हरे रंग की चूडि़यां जाकर पहननीं हैं । घर परिवार की सुरक्षा और पति की लंबी उम्र के लिये ये करना बताया गया है इसके पीछे कुछ हरितालिका तीज का दूषित होना बताया जा रहा है । अपने परिवार को बचाने के लिये ये महिलाएं या तो मर्जी से या अपनी सास के जोर देना पर घर घर जाकर जाकर भीख मांग रहीं हैं । और इसी के कारण बाज़ार में हरे कांच की चूड्रियों की कमी आ गई है । चूड़ी दुकानदारों के अनुसार उनके यहां पर केवल हरे रंग की चूडि़यों की ही मांग आ रही है । कारण चाहे जो भी हो मगर एक बार फिर ये बात तो सिद्ध हो रही है कि भारत में अफवाहें वाक काम करवा लेती हैं जो सरकारें भी नहीं करवा सकतीं।
होली के मिसरे की बहुत ही प्रचलित बहर है और गायी जाने वाली बहर है तो इस पर
काम करने में आप लोगों को कोई परेशानी नहीं आयेगी।
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ब्लॉगिंग का सुनहरा समय तो अब लगभग बीत चुका है, मगर यादें कब पीछा छोड़ती
हैं। कुछ न कुछ ऐसा होता है जिसके कारण बस फिर से यहाँ आने की इच्छा हो जाती
है। जैस...
5 weeks ago